कृपा के भंडारी बनना यह अध्ययन सिखाता है कि परमेश्वर ने हमें अपनी कृपा के भंडारी बनाया है। जब हम दुख उठाते हैं, तो हम मसीह के दुखों में सहभागी होते हैं और यह हमारे लिए आनंद की बात है। हमें एक दूसरे से गहरा प्रेम रखना चाहिए क्योंकि प्रेम बहुत से पापों को ढाँप देता है। परमेश्वर ने हर विश्वासी को अलग-अलग वरदान दिए हैं और हमें इन वरदानों का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए करना है। यह अध्ययन हमें सिखाता है कि हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे परमेश्वर की कृपा के अच्छे भंडारी बन सकते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
पतरस यह पत्र उन विश्वासियों को लिख रहा है जो रोम के इलाकों में बिखरे हुए थे और सताव का सामना कर रहे थे। वे अपने विश्वास के कारण मुसीबतों और दुखों से गुजर रहे थे। पतरस उन्हें याद दिलाता है कि दुख उठाना मसीह के साथ चलने का हिस्सा है और उन्हें एक दूसरे से प्रेम रखते हुए परमेश्वर की कृपा के भंडारी बनना है।
पवित्रशास्त्र का अंश
1 पतरस 4:1-19
व्याख्या और अंतर्दृष्टि
1 पतरस 4 में पतरस विश्वासियों को बताता है कि मसीह ने शरीर में दुख उठाया, इसलिए हमें भी उसी मन से तैयार रहना चाहिए। जब हम मसीह के लिए दुख उठाते हैं, तो हम पाप से दूर हो जाते हैं और परमेश्वर की इच्छा के अनुसार जीने लगते हैं। पतरस कहता है कि हमारा पुराना जीवन जो पाप में बीता, वह काफी है - अब हमें परमेश्वर की इच्छा के अनुसार जीना है। दुनिया के लोग हमारे बदले हुए जीवन को देखकर हैरान होते हैं और हमारी बुराई करते हैं, लेकिन उन्हें परमेश्वर को जवाब देना होगा। पतरस विश्वासियों को याद दिलाता है कि अगर वे मसीह के नाम के लिए दुख उठाते हैं, तो यह शर्म की बात नहीं बल्कि परमेश्वर की महिमा करने का मौका है। न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है, और अगर धर्मी लोग मुश्किल से बचते हैं, तो भक्तिहीन और पापी लोगों का क्या होगा? इसलिए जो लोग परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुख उठाते हैं, उन्हें अपनी आत्माओं को विश्वासयोग्य सृष्टिकर्ता के हाथ में सौंप देना चाहिए और भलाई करते रहना चाहिए।
इस अध्याय से हम तीन महत्वपूर्ण सिद्धांत सीखते हैं जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में लागू होते हैं। पहला, प्रेम सबसे जरूरी है - पतरस कहता है कि सबसे पहले एक दूसरे से गहरा प्रेम रखो क्योंकि प्रेम बहुत से पापों को ढाँप देता है। यह प्रेम सिर्फ भावना नहीं है बल्कि एक चुनाव है कि हम दूसरों की गलतियों को माफ करें और उनके साथ धीरज रखें। दूसरा, हम सब परमेश्वर की कृपा के भंडारी हैं - परमेश्वर ने हर विश्वासी को अलग-अलग वरदान दिए हैं और हमें इन वरदानों का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए करना है। जो बोलता है वह परमेश्वर के वचन के अनुसार बोले, और जो सेवा करता है वह उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है, ताकि सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर की महिमा हो। तीसरा, दुख उठाना अनोखी बात नहीं है - जब हम विश्वास के कारण दुख उठाते हैं, तो हमें आनंद करना चाहिए क्योंकि हम मसीह के दुखों में सहभागी हो रहे हैं। यह हमें मसीह के करीब लाता है और हमारे विश्वास को मजबूत बनाता है। ये सिद्धांत हमें सिखाते हैं कि मसीही जीवन सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों की सेवा और परमेश्वर की महिमा के लिए है।
- परमेश्वर की कृपा बहुत तरह की है और हर विश्वासी को अलग-अलग वरदान मिलते हैं।
- हमें अपने वरदानों का इस्तेमाल एक दूसरे की सेवा के लिए करना चाहिए, न कि अपने लिए।
- मसीह के नाम पर दुख उठाना हमारे लिए शर्म की नहीं बल्कि महिमा की बात है।
- जो बोलता है वह परमेश्वर के वचन की तरह बोले, और जो सेवा करता है वह परमेश्वर की ताकत से करे।
चिंतन के प्रश्न
- परमेश्वर ने आपको कौन से वरदान दिए हैं जिन्हें आप दूसरों की मदद के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?
- क्या आप अपने वरदान को छुपाकर रखते हैं या दूसरों की सेवा में लगाते हैं?
- जब आप दुख उठाते हैं, तो क्या आप इसे मसीह के साथ सहभागिता मानते हैं?
- आपकी कलीसिया में कौन से लोग हैं जिन्हें आपकी मदद की जरूरत है?
- क्या आप अपनी सेवा में परमेश्वर की महिमा करते हैं या अपनी तारीफ चाहते हैं?
- इस हफ्ते आप किस एक व्यक्ति की मदद करने का फैसला करेंगे?
- परमेश्वर की कृपा का अच्छा भंडारी बनने के लिए आपको क्या बदलना होगा?
प्रार्थना के बिंदु
- हे प्रभु यीशु, मुझे दिखाएं कि आपने मुझे कौन से वरदान दिए हैं। मुझे समझ दें कि मैं इन वरदानों को दूसरों की मदद के लिए कैसे इस्तेमाल कर सकता हूं। मुझे घमंड से बचाएं और विनम्र दिल दें।
- परमेश्वर, जब मैं दुख उठाऊं तो मुझे याद दिलाएं कि मसीह ने भी दुख उठाया था। मुझे ताकत दें कि मैं मुश्किलों में भी आपकी महिमा करूं और दूसरों की सेवा करता रहूं।
- पवित्र आत्मा, मेरी कलीसिया में एकता लाएं। हम सब अपने-अपने वरदानों से एक दूसरे की मदद करें। हमें सिखाएं कि हम मसीह की देह के रूप में एक साथ कैसे काम करें।
- प्रभु, मुझे एक अच्छा भंडारी बनाएं। जो कुछ आपने मुझे दिया है, मैं उसे आपकी महिमा के लिए इस्तेमाल करूं। मेरे दिल में दूसरों के लिए प्रेम बढ़ाएं।
संबंधित वचन
- रोमियों 12:4-8
- 1 कुरिन्थियों 12:4-11
- इफिसियों 4:11-13
- मत्ती 25:14-30
- लूका 12:48
- 2 कुरिन्थियों 9:6-8
- फिलिप्पियों 2:3-8
यह अध्ययन मार्गदर्शिका Disciplefy द्वारा तैयार की गई है। पूर्ण इंटरैक्टिव अनुभव के लिए ऐप डाउनलोड करें — अभ्यास मोड, ऑडियो और बहुत कुछ।