रोमियों: सुसमाचार का प्रकाशन

रोमियों 11: इस्राएल के भविष्य का रहस्य

Disciplefy Team·8 अप्रैल 2026·6 मिनट पढ़ें

इस्राएल के भविष्य का रहस्य — परमेश्वर की अनंत वफादारी। रोमियों 11 में पौलुस दिखाता है कि परमेश्वर ने अपनी चुनी हुई जाति इस्राएल को कभी नहीं छोड़ा। आज अन्यजातियों का उद्धार इस्राएल को जलन दिलाने के लिए है, ताकि वे भी यीशु मसीह की ओर लौटें। एक दिन पूरा इस्राएल बचाया जाएगा — यह परमेश्वर की पक्की योजना है। यह अध्याय हमें सिखाता है कि परमेश्वर की दया सबके लिए है — यहूदी और अन्यजाति दोनों। हम सीखते हैं कि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञाओं को कभी नहीं तोड़ता, और उसकी योजना हमारी समझ से बहुत बड़ी है।

ऐतिहासिक संदर्भ

पौलुस रोम की कलीसिया को लिख रहा है जहां यहूदी और अन्यजाति विश्वासी साथ थे। रोमियों 9-11 में वह इस्राएल के भविष्य के बारे में बता रहा है। बहुत से यहूदियों ने यीशु को नहीं माना, लेकिन अन्यजाति विश्वास में आ रहे थे। पौलुस समझाता है कि यह परमेश्वर की बड़ी योजना का हिस्सा है।

पवित्रशास्त्र का अंश

रोमियों 11:1-36

व्याख्या और अंतर्दृष्टि

रोमियों 11 शुरू होता है एक बड़े सवाल से — क्या परमेश्वर ने अपनी जाति इस्राएल को छोड़ दिया? पौलुस जोर से कहता है, 'बिल्कुल नहीं!' वह खुद एक यहूदी है, बिन्यामीन के गोत्र से, और परमेश्वर ने उसे नहीं छोड़ा। पौलुस एलिय्याह की कहानी याद दिलाता है जब भविष्यद्वक्ता सोचता था कि वह अकेला बचा है, लेकिन परमेश्वर ने कहा कि 7,000 लोग अभी भी वफादार हैं। आज भी परमेश्वर ने अनुग्रह से चुने हुए लोगों को बचाया है — यह उनके कामों से नहीं, बल्कि परमेश्वर की दया से है। इस्राएल का बड़ा हिस्सा आत्मिक रूप से सोया हुआ है, जैसे यशायाह और भजन संहिता में लिखा है। लेकिन यह असफलता नहीं है — यह परमेश्वर की बड़ी योजना का हिस्सा है। जब इस्राएल ने यीशु को नहीं माना, तो उद्धार का दरवाजा अन्यजातियों के लिए खुल गया। पौलुस कहता है कि इस्राएल की ठोकर से दुनिया को आशीर्वाद मिला — अगर उनकी गिरावट से इतना फायदा हुआ, तो सोचो जब वे पूरी तरह लौटेंगे तो कितना बड़ा आशीर्वाद होगा! परमेश्वर अन्यजातियों के उद्धार का उपयोग इस्राएल को जलन दिलाने के लिए कर रहा है, ताकि वे भी यीशु की ओर आएं।

पौलुस जैतून के पेड़ की तस्वीर देता है — इस्राएल जड़ है, और अन्यजाति जंगली डालियां हैं जो कलम की गई हैं। अन्यजातियों को घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे जड़ को सहारा नहीं देते, बल्कि जड़ उन्हें सहारा देती है। परमेश्वर ने इस्राएल की कुछ डालियां तोड़ीं क्योंकि वे विश्वास में नहीं रहे, और अन्यजातियों को विश्वास से जोड़ा। लेकिन अगर अन्यजाति घमंड करें, तो उन्हें भी तोड़ा जा सकता है। परमेश्वर की कठोरता और भलाई दोनों देखो — जो गिरे उन पर कठोरता, लेकिन तुम पर भलाई, अगर तुम उसकी भलाई में बने रहो। और अगर इस्राएल अविश्वास में नहीं रहे, तो परमेश्वर उन्हें फिर से जोड़ सकता है, क्योंकि वह सामर्थी है। पौलुस एक रहस्य बताता है — इस्राएल का एक हिस्सा तब तक कठोर रहेगा जब तक अन्यजातियों की पूरी संख्या न आ जाए, और फिर पूरा इस्राएल बचाया जाएगा। यशायाह 59:20-21 और यिर्मयाह 31:33-34 में यह प्रतिज्ञा है कि उद्धारकर्ता सिय्योन से आएगा और याकूब से अधर्म दूर करेगा। परमेश्वर की यह वाचा कभी नहीं टूटेगी। आज इस्राएल सुसमाचार के विरोधी लगते हैं, लेकिन चुनाव के कारण वे परमेश्वर के प्रिय हैं — क्योंकि परमेश्वर अपने वरदान और बुलाहट से कभी नहीं फिरता। जैसे अन्यजाति पहले अनाज्ञाकारी थे और अब दया पाई है, वैसे ही इस्राएल अब अनाज्ञाकारी है ताकि वे भी दया पाएं। परमेश्वर ने सबको अनाज्ञाकारिता में बंद कर दिया ताकि वह सब पर दया करे — यह उसकी महान योजना है।

  • परमेश्वर की चुनाव और बुलाहट अटल है — वह अपने वादों को कभी नहीं तोड़ता।
  • अन्यजातियों का उद्धार इस्राएल को जलन दिलाने के लिए है — ताकि वे भी यीशु की ओर आएं।
  • परमेश्वर की योजना रहस्यमय है लेकिन पूर्ण है — वह सब कुछ अपनी महिमा के लिए करता है।
  • हम सब परमेश्वर की दया के पात्र हैं — कोई भी अपनी योग्यता से नहीं बचा।
  • इस्राएल का पूर्ण उद्धार आने वाला है — परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञा पूरी करेगा।

चिंतन के प्रश्न

  1. परमेश्वर की वफादारी के बारे में सोचो — क्या तुमने कभी महसूस किया है कि वह तुम्हें छोड़ देगा?
  2. इस्राएल के साथ परमेश्वर के व्यवहार से तुम अपनी जिंदगी के लिए क्या सीख सकते हो?
  3. क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो जो सोचता है कि परमेश्वर ने उसे छोड़ दिया है? तुम उसकी कैसे मदद कर सकते हो?
  4. जब तुम गलती करते हो, क्या तुम्हें लगता है कि परमेश्वर तुमसे नाराज हो जाता है या वह तुम्हें माफ करने के लिए तैयार रहता है?
  5. अन्यजातियों के उद्धार में परमेश्वर की योजना को देखकर तुम्हें कैसा लगता है?
  6. क्या तुम परमेश्वर की वफादारी पर पूरी तरह भरोसा करते हो, या कभी-कभी शक करते हो?
  7. इस हफ्ते तुम किस तरह से परमेश्वर की वफादारी को दूसरों के साथ बांट सकते हो?

प्रार्थना के बिंदु

  • हे प्रभु परमेश्वर, तुम्हारी वफादारी के लिए धन्यवाद। तुमने इस्राएल को नहीं छोड़ा और तुम हमें भी कभी नहीं छोड़ोगे। जब हम डरते हैं या शक करते हैं, तब हमें याद दिलाओ कि तुम्हारा प्रेम कभी खत्म नहीं होता। हमारे विश्वास को मजबूत करो।
  • प्रभु यीशु, हम तुम्हारे उद्धार के लिए शुक्रगुजार हैं। तुमने हम अन्यजातियों को भी अपने परिवार में शामिल किया। हमें घमंडी मत बनने दो, बल्कि विनम्र रखो। हमें इस्राएल के लिए प्रार्थना करने की शक्ति दो और उनके उद्धार की प्रतीक्षा करने में मदद करो।
  • पवित्र आत्मा, हमें सिखाओ कि परमेश्वर की योजना कितनी गहरी और अद्भुत है। जब हम समझ नहीं पाते, तब भी हमें भरोसा रखने में मदद करो। हमारे दिलों को नरम बनाओ ताकि हम दूसरों के साथ परमेश्वर की वफादारी की गवाही दे सकें। हमें तुम्हारी बुद्धि से भर दो।

संबंधित वचन

  • व्यवस्थाविवरण 7:9
  • यशायाह 49:15-16
  • यिर्मयाह 31:3
  • 2 तीमुथियुस 2:13
  • इब्रानियों 13:5
  • भजन संहिता 89:33-34
  • मलाकी 3:6
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