यीशु का क्रूस और पुनरुत्थान

महान आदेश

Disciplefy Team·10 अप्रैल 2026·5 मिनट पढ़ें

महान आदेश — यीशु का अंतिम और सबसे बड़ा काम। जब यीशु स्वर्ग जाने से पहले अपने शिष्यों से आखिरी बार मिले, तो उन्होंने एक बहुत बड़ा काम दिया। उन्होंने कहा — जाओ, सारी दुनिया में जाकर लोगों को मेरे बारे में बताओ और उन्हें मेरा चेला बनाओ। यह सिर्फ उन बारह शिष्यों के लिए नहीं था, बल्कि आज हर विश्वासी के लिए है। यीशु ने वादा किया कि वह हमेशा हमारे साथ रहेंगे। इस अध्ययन में हम सीखेंगे कि यह आदेश क्यों जरूरी है और हम इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे जी सकते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ

यीशु मरे हुओं में से जी उठे थे और चालीस दिन तक अपने शिष्यों को दिखाई दिए। अब स्वर्ग जाने का समय आ गया था। गलील के एक पहाड़ पर यीशु ने अपने ग्यारह शिष्यों को इकट्ठा किया। यह वही समय था जब उन्होंने अपना सबसे महत्वपूर्ण आदेश दिया — जिसे हम महान आदेश कहते हैं। यह मत्ती के सुसमाचार का अंतिम भाग है।

पवित्रशास्त्र का अंश

मत्ती 28:16-20

व्याख्या और अंतर्दृष्टि

मत्ती 28:18-20 में यीशु ने कहा, 'स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिए जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ।' यह वचन हमें तीन बड़ी बातें सिखाता है। पहली बात — यीशु के पास पूरा अधिकार है। वह सिर्फ एक अच्छे शिक्षक नहीं हैं, बल्कि स्वर्ग और पृथ्वी के राजा हैं। दूसरी बात — उन्होंने हमें एक काम दिया है, यह सिर्फ सुझाव नहीं है। तीसरी बात — यह काम सिर्फ पादरियों या मिशनरियों का नहीं है, बल्कि हर विश्वासी का है। यीशु ने कहा 'सब जातियों' — मतलब हर देश, हर भाषा, हर तरह के लोग। यह आदेश तब तक चलेगा जब तक यीशु वापस नहीं आ जाते। यीशु ने यह भी कहा कि लोगों को 'पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।' बपतिस्मा एक बाहरी निशान है जो दिखाता है कि कोई यीशु का चेला बन गया है। यह सिर्फ पानी में डुबकी नहीं है, बल्कि एक सार्वजनिक घोषणा है कि अब मैं यीशु का हूं। यीशु ने यह भी कहा, 'उन्हें सब बातें सिखाओ जो मैंने तुम्हें बताई हैं।' मतलब चेला बनाना सिर्फ किसी को विश्वास दिलाना नहीं है, बल्कि उसे बढ़ने में मदद करना भी है।

इस आदेश से हम तीन बड़े सिद्धांत सीखते हैं। पहला सिद्धांत — परमेश्वर चाहता है कि हर कोई उसके बारे में सुने। रोमियों 10:14 में पौलुस पूछता है, 'जिसके बारे में उन्होंने सुना नहीं, उस पर वे कैसे विश्वास करेंगे?' परमेश्वर ने हमें अपने प्रेम का अनुभव दिया है, और अब वह चाहता है कि हम दूसरों को भी बताएं। दूसरा सिद्धांत — यीशु हमारे साथ हैं। उन्होंने कहा, 'मैं जगत के अंत तक सदा तुम्हारे संग हूं।' जब हम डरते हैं या कमजोर महसूस करते हैं, तब भी यीशु हमारे साथ हैं। यूहन्ना 15:5 में यीशु ने कहा, 'मुझ से अलग होकर तुम कुछ नहीं कर सकते।' हमें अपनी ताकत पर भरोसा नहीं करना है, बल्कि यीशु की ताकत पर। तीसरा सिद्धांत — यह काम सिर्फ विदेश जाने के बारे में नहीं है। हम अपने घर, अपने पड़ोस, अपने काम की जगह पर भी चेला बना सकते हैं। प्रेरितों के काम 1:8 में यीशु ने कहा, 'तुम यरूशलेम में, सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।' यह हमारे आस-पास से शुरू होता है और फिर दूर तक जाता है। महान आदेश हमें याद दिलाता है कि हम यीशु के राजदूत हैं और हमारा काम उनके प्रेम को फैलाना है।

  • यीशु ने अपने शिष्यों को सारी दुनिया में जाकर लोगों को उसके बारे में बताने को कहा।
  • हर विश्वासी को यीशु की गवाही देने का काम दिया गया है — यह सिर्फ कुछ लोगों का काम नहीं।
  • यीशु ने वादा किया कि वह हमेशा हमारे साथ रहेगा जब हम उसका काम करते हैं।
  • गवाही देना सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी से भी होता है — प्रेम और सच्चाई से जीना।

चिंतन के प्रश्न

  1. क्या आप मानते हैं कि महान आदेश सिर्फ पादरियों के लिए नहीं, बल्कि आपके लिए भी है?
  2. आपकी जिंदगी में कौन से लोग हैं जो यीशु को नहीं जानते और आप उनके लिए क्या कर सकते हैं?
  3. आप अपनी गवाही तीन-चार वाक्यों में कैसे बताएंगे कि यीशु ने आपको कैसे बदला?
  4. क्या डर आपको यीशु के बारे में बताने से रोकता है? आप इस डर को कैसे दूर कर सकते हैं?
  5. इस हफ्ते आप किस एक व्यक्ति को यीशु के प्रेम के बारे में बताने की कोशिश करेंगे?
  6. आपके रोजमर्रा के काम में कैसे लोग आपकी जिंदगी में यीशु को देख सकते हैं?
  7. क्या आप विश्वास करते हैं कि यीशु हमेशा आपके साथ है जब आप उसके लिए बोलते हैं?

प्रार्थना के बिंदु

  • हे प्रभु यीशु, मुझे साहस दें कि मैं आपके बारे में लोगों को बता सकूं। मेरे डर को दूर करें और मुझे याद दिलाएं कि आप हमेशा मेरे साथ हैं। मुझे ऐसे मौके दें जहां मैं आपके प्रेम की गवाही दे सकूं। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।
  • परमेश्वर, मेरे उन दोस्तों और परिवार के लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जो आपको नहीं जानते। उनके दिलों को खोलें कि वे आपकी सच्चाई को समझें। मुझे उनके लिए प्रेम और धैर्य दें। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।
  • पवित्र आत्मा, मुझे सही शब्द दें जब मैं यीशु के बारे में बताऊं। मेरी जिंदगी को ऐसा बनाएं कि लोग आपको देखें। मुझे हर दिन आपके करीब लाएं। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।

संबंधित वचन

  • प्रेरितों के काम 1:8
  • रोमियों 10:14-15
  • 2 तीमुथियुस 1:7-8
  • 1 पतरस 3:15
  • मरकुस 5:19
  • यूहन्ना 4:39
  • कुलुस्सियों 4:5-6
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