यीशु के दृष्टान्त

गेहूँ और जंगली घास

Disciplefy Team·30 मई 2026·7 मिनट पढ़ें

गेहूँ और जंगली घास का दृष्टान्त हमें परमेश्वर के राज्य में सच्चे और झूठे शिष्यों के बारे में सिखाता है। यीशु ने बताया कि कलीसिया में अच्छे और बुरे लोग साथ-साथ रहेंगे, और हमारा काम उन्हें अलग करना नहीं है। परमेश्वर ही अंतिम न्याय के दिन सबको परखेगा और अलग करेगा। यह दृष्टान्त हमें धैर्य रखना, दूसरों का न्याय न करना, और परमेश्वर के समय पर भरोसा करना सिखाता है। हम सीखेंगे कि कैसे कलीसिया में प्रेम और पवित्रता के साथ रहें, और कैसे अपने दिल की जांच करें कि हम सच्चे शिष्य हैं या नहीं।

ऐतिहासिक संदर्भ

यीशु ने यह दृष्टान्त मत्ती 13 में दिया, जब वे गलील की झील के किनारे भीड़ को परमेश्वर के राज्य के बारे में सिखा रहे थे। उस समय बहुत से लोग यीशु के पीछे चल रहे थे, लेकिन सब सच्चे शिष्य नहीं थे। यीशु ने यह दृष्टान्त इसलिए दिया ताकि लोग समझें कि परमेश्वर का राज्य कैसे बढ़ता है और अंत में क्या होगा।

पवित्रशास्त्र का अंश

मत्ती 13:24-30, 36-43

व्याख्या और अंतर्दृष्टि

खेत में गेहूँ और जंगली घास साथ-साथ

यीशु ने कहा कि परमेश्वर का राज्य उस आदमी के जैसा है जिसने अपने खेत में अच्छा बीज बोया। रात में जब सब सो रहे थे, तब दुश्मन आया और गेहूँ के बीच जंगली घास के बीज बो गया। जब पौधे बड़े हुए और फल लगने लगे, तब नौकरों ने देखा कि खेत में जंगली घास भी उग आई है। नौकरों ने मालिक से पूछा, "क्या आपने अच्छा बीज नहीं बोया था? फिर यह जंगली घास कहाँ से आई?" मालिक ने जवाब दिया, "यह किसी दुश्मन का काम है।" नौकर तुरंत जंगली घास उखाड़ना चाहते थे, लेकिन मालिक ने मना कर दिया। उसने कहा, "अगर तुम अभी जंगली घास उखाड़ोगे, तो गेहूँ भी उखड़ जाएगा क्योंकि दोनों की जड़ें आपस में उलझी हुई हैं।" मालिक ने आदेश दिया कि कटाई तक दोनों को साथ बढ़ने दो, फिर कटाई के समय पहले जंगली घास इकट्ठा करके जला दी जाएगी, और गेहूँ को खलिहान में रखा जाएगा। यीशु ने बाद में अपने शिष्यों को समझाया कि अच्छा बीज बोने वाला मनुष्य का पुत्र (यीशु) है, खेत संसार है, अच्छा बीज राज्य की संतान हैं, और जंगली घास दुष्ट की संतान हैं। कटाई का समय जगत का अंत है, और काटने वाले स्वर्गदूत हैं।

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परमेश्वर का न्याय और हमारी जिम्मेदारी

इस दृष्टान्त से हम तीन बड़ी सच्चाइयाँ सीखते हैं जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत जरूरी हैं। पहली बात, कलीसिया में सच्चे और झूठे शिष्य दोनों होंगे, और यह परमेश्वर की योजना का हिस्सा है। हमें यह उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि इस जमीन पर कलीसिया बिल्कुल शुद्ध होगी। दूसरी बात, हमारा काम दूसरों का न्याय करना या उन्हें बाहर निकालना नहीं है, बल्कि प्रेम से साथ रहना और सुसमाचार का प्रचार करना है। जब हम जल्दबाजी में किसी को "जंगली घास" कहकर अलग करने की कोशिश करते हैं, तो हम गलती कर सकते हैं और सच्चे विश्वासियों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। तीसरी बात, परमेश्वर का न्याय निश्चित है और सही समय पर होगा। अंतिम दिन यीशु मसीह सबको परखेंगे और सच्चे शिष्यों को अनंत जीवन देंगे, जबकि झूठे शिष्यों को दंड मिलेगा। यह सच्चाई हमें धैर्य रखने और परमेश्वर के न्याय पर भरोसा करने के लिए प्रेरित करती है। हमें अपने दिल की जांच करनी चाहिए और पूछना चाहिए, "क्या मैं सच में यीशु का शिष्य हूँ, या सिर्फ बाहर से दिखावा कर रहा हूँ?" सच्चा विश्वास फल लाता है - प्रेम, आज्ञाकारिता, और पवित्रता में बढ़ना। अगर हमारी जिंदगी में ये फल नहीं हैं, तो हमें पश्चाताप करके यीशु की ओर लौटना चाहिए।

अपनी कलीसिया और दोस्तों को देखने का नया नज़रिया

जब तुम अपनी कलीसिया में जाते हो, तो तुम्हें अलग-अलग तरह के लोग दिखते हैं। कुछ लोग बहुत अच्छे लगते हैं, कुछ लोग तुम्हें परेशान करते हैं। कुछ लोग परमेश्वर से सच्चे दिल से प्रेम करते हैं, कुछ लोग सिर्फ दिखावा करते हैं। यह दृष्टान्त तुम्हें सिखाता है कि तुम्हारा काम लोगों को जज करना नहीं है। तुम्हारा काम है प्रेम से रहना और परमेश्वर पर भरोसा रखना कि वह सब कुछ संभाल रहा है। जब कोई तुम्हें धोखा दे या कलीसिया में कोई गलत काम करे, तो तुम्हें गुस्सा आता है और तुम सोचते हो कि इस आदमी को कलीसिया से निकाल देना चाहिए। लेकिन यीशु कहते हैं, "रुको, धीरज रखो।" हो सकता है वह आदमी बदल जाए, हो सकता है परमेश्वर उसके दिल में काम कर रहा हो। तुम्हारा काम है उसके लिए प्रार्थना करना और अपने आप को सच्चा गेहूँ बनाए रखना। अपने दिल की जांच करो - क्या तुम सच में यीशु से प्रेम करते हो या सिर्फ दिखावा कर रहे हो? क्या तुम्हारी जिंदगी में यीशु का फल दिख रहा है - प्रेम, धीरज, दया, ईमानदारी?

इस हफ्ते तुम क्या करोगे?

पहला काम: हर रोज़ सुबह उठकर परमेश्वर से प्रार्थना करो, "प्रभु, मुझे सच्चा गेहूँ बनाए रखो। मेरे दिल में जो भी बुराई है, उसे निकाल दो।" दूसरा काम: इस हफ्ते कलीसिया में किसी एक आदमी के लिए प्रार्थना करो जो तुम्हें परेशान करता है या जिसके बारे में तुम सोचते हो कि वह झूठा है। उसके लिए प्रार्थना करो कि परमेश्वर उसके दिल को बदल दे। तीसरा काम: अपनी जिंदगी में एक बुरी आदत को पकड़ो - झूठ बोलना, गुस्सा करना, लालच करना - और इस हफ्ते उसे छोड़ने की कोशिश करो। जब तुम्हें लगे कि तुम फिर से वही गलती करने जा रहे हो, तो रुको और प्रार्थना करो। चौथा काम: अपने घर में या ऑफिस में किसी एक आदमी के साथ प्रेम से पेश आओ, भले ही वह तुम्हारे साथ बुरा करे। याद रखो, परमेश्वर धीरज रखता है, तो तुम भी धीरज रखो। पांचवां काम: रविवार को कलीसिया जाओ और लोगों को जज मत करो, बल्कि उनके लिए प्रार्थना करो और उनसे प्रेम से मिलो।

  • यीशु ने यह दृष्टान्त फरीसियों की सोच को चुनौती देने के लिए दिया था।
  • गेहूँ परमेश्वर के सच्चे बच्चे हैं, जंगली घास झूठे शिष्य हैं जो दिखावा करते हैं।
  • कटनी का समय न्याय का दिन है जब यीशु दोबारा आएंगे और सबको अलग करेंगे।
  • परमेश्वर चाहता है कि हम धीरज रखें और दूसरों के लिए प्रार्थना करें, न कि उन्हें सज़ा दें।

चिंतन के प्रश्न

  1. क्या तुम कभी कलीसिया में किसी को देखकर सोचते हो कि वह सच्चा मसीही नहीं है?
  2. तुम्हारी जिंदगी में कौन सी बुरी आदत है जो तुम्हें जंगली घास की तरह बना रही है?
  3. क्या तुम उन लोगों के लिए प्रार्थना करते हो जो तुम्हें परेशान करते हैं या तुम उनसे नफरत करते हो?
  4. तुम कैसे जान सकते हो कि तुम सच्चे गेहूँ हो और जंगली घास नहीं?
  5. जब कोई तुम्हारे साथ बुरा करे, तो तुम कैसे धीरज रख सकते हो और प्रेम से पेश आ सकते हो?
  6. क्या तुम परमेश्वर के न्याय पर भरोसा करते हो या तुम खुद लोगों को सज़ा देना चाहते हो?
  7. तुम इस हफ्ते अपनी कलीसिया में किस एक आदमी के साथ प्रेम से पेश आओगे?

प्रार्थना के बिंदु

हे प्रभु यीशु, तुम्हारा धन्यवाद कि तुमने हमें यह दृष्टान्त दिया जो हमें सिखाता है कि तुम्हारा राज्य कैसे काम करता है। प्रभु, मैं मानता हूं कि कई बार मैं दूसरों को जज करता हूं और सोचता हूं कि मैं उनसे बेहतर हूं। मुझे माफ कर दो। मुझे सिखाओ कि मैं धीरज रखूं और प्रेम से रहूं, जैसे तुम मेरे साथ धीरज रखते हो। प्रभु, मेरे दिल की जांच करो और मुझे दिखाओ कि मेरे अंदर कौन सी बुराई है जो मुझे जंगली घास की तरह बना रही है। मुझे अपने पवित्र आत्मा से भर दो ताकि मैं सच्चा गेहूँ बन सकूं जो तुम्हारे लिए अच्छा फल लाए। मैं उन लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जो मेरी कलीसिया में हैं और जो शायद सच्चे मसीही नहीं हैं - उनके दिल को बदल दो, उन्हें सच्चा विश्वास दो। मुझे ताकत दो कि मैं उनके साथ प्रेम से पेश आऊं और उनके लिए प्रार्थना करूं। प्रभु, मुझे याद दिलाओ कि न्याय करना तुम्हारा काम है, मेरा नहीं। मुझे भरोसा है कि तुम सब कुछ ठीक करोगे और सही समय पर सबको उनका हिसाब देना होगा। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।

संबंधित वचन

  • मत्ती 7:1-5
  • रोमियों 12:17-21
  • गलातियों 5:22-23
  • याकूब 5:7-8
  • 1 कुरिन्थियों 4:5
  • 2 तीमुथियुस 2:24-26
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