दशांश और उदार देना — परमेश्वर की आशीष का जवाब। पुराने नियम में इस्राएल को अपनी आय का दसवाँ भाग परमेश्वर को देना था, लेकिन नए नियम में यीशु और पौलुस ने दिखाया कि देना सिर्फ नियम नहीं, बल्कि दिल की बात है। जब हम खुशी से देते हैं, तो हम परमेश्वर पर भरोसा दिखाते हैं और दूसरों की मदद करते हैं। यह अध्ययन सिखाता है कि देना हमारे विश्वास को मजबूत करता है और परमेश्वर के राज्य को बढ़ाता है। हम सीखेंगे कि कैसे उदारता से जीना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में परमेश्वर की महिमा करता है।
ऐतिहासिक संदर्भ
पुराने नियम में मूसा की व्यवस्था के तहत इस्राएलियों को अपनी फसल और आय का दसवाँ भाग लेवियों और मंदिर की सेवा के लिए देना था। यह परमेश्वर की आशीष को मानने और याजकों की देखभाल का तरीका था। नए नियम में यीशु ने दशांश को खारिज नहीं किया, बल्कि दिल के रवैये पर जोर दिया। पौलुस ने कुरिन्थ की कलीसिया को उदार देने के बारे में सिखाया।
पवित्रशास्त्र का अंश
2 कुरिन्थियों 9:6-15
व्याख्या और अंतर्दृष्टि
2 कुरिन्थियों 9:6-15 में पौलुस कुरिन्थ की कलीसिया को यरूशलेम के गरीब विश्वासियों के लिए दान देने के बारे में लिखता है। पद 6 में वह कहता है, 'जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा, और जो बहुत बोता है वह बहुत काटेगा।' यह खेती का सिद्धांत है — जितना बीज बोओगे, उतनी फसल मिलेगी। पौलुस यह नहीं कह रहा कि देने से हम अमीर बन जाएंगे, बल्कि यह कि उदारता से देने पर परमेश्वर आशीष देता है। पद 7 में वह कहता है, 'हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दे, न कुढ़ कुढ़ के और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर खुशी से देने वाले से प्रेम रखता है।' यहाँ देने का रवैया सबसे जरूरी है — हमें मजबूरी में नहीं, बल्कि खुशी से देना चाहिए। पद 8 में पौलुस कहता है कि परमेश्वर हर तरह का अनुग्रह बढ़ा सकता है ताकि हमारे पास हर समय सब कुछ हो और हम हर अच्छे काम में बढ़ें। यह वादा है कि परमेश्वर हमारी जरूरतों को पूरा करेगा जब हम उदारता से देते हैं। पद 11 में वह कहता है, 'तुम हर बात में सब प्रकार की उदारता के लिए धनवान किए जाओगे।' परमेश्वर हमें इसलिए आशीष देता है ताकि हम दूसरों की मदद कर सकें, न कि सिर्फ अपने लिए जमा करें।
इस अनुच्छेद से हम तीन बड़े सिद्धांत सीखते हैं। पहला, देना विश्वास का काम है — जब हम देते हैं, तो हम मानते हैं कि परमेश्वर हमारी देखभाल करेगा। मत्ती 6:19-21 में यीशु ने कहा, 'अपने लिए पृथ्वी पर धन इकट्ठा मत करो... परन्तु अपने लिए स्वर्ग में धन इकट्ठा करो।' जब हम परमेश्वर के काम में देते हैं, तो हम स्वर्ग में धन जमा करते हैं। दूसरा, उदारता परमेश्वर के चरित्र को दिखाती है — परमेश्वर ने अपना सबसे कीमती उपहार, अपने बेटे यीशु को हमारे लिए दिया (यूहन्ना 3:16)। जब हम उदारता से देते हैं, तो हम परमेश्वर की तरह बनते हैं। तीसरा, देना दूसरों को आशीष देता है और परमेश्वर की महिमा करता है। पद 12-13 में पौलुस कहता है कि हमारा दान न सिर्फ जरूरतमंदों की मदद करता है, बल्कि परमेश्वर के प्रति धन्यवाद भी बढ़ाता है। जब लोग देखते हैं कि विश्वासी उदारता से देते हैं, तो वे परमेश्वर की महिमा करते हैं। प्रेरितों के काम 20:35 में यीशु के शब्द याद किए गए हैं: 'लेने से देना धन्य है।' यह सिद्धांत दुनिया की सोच के बिल्कुल उलट है, लेकिन यह परमेश्वर के राज्य का तरीका है।
- पुराने नियम में दशांश परमेश्वर की आशीषों के प्रति आभार और आज्ञाकारिता का संकेत था।
- नए नियम में यीशु ने दिखाया कि देना दिल की बात है, न कि सिर्फ नियम की।
- पौलुस ने सिखाया कि परमेश्वर खुशी से देने वालों से प्रेम करता है और उन्हें आशीष देता है।
- देना परमेश्वर पर भरोसा करने का एक तरीका है कि वह हमारी जरूरतों को पूरा करेगा।
- उदार देना परमेश्वर के राज्य के काम को आगे बढ़ाता है और दूसरों की मदद करता है।
चिंतन के प्रश्न
- क्या आप अपनी कमाई का कुछ हिस्सा नियमित रूप से परमेश्वर के काम के लिए देते हैं?
- जब आप देते हैं, तो क्या आप खुशी से देते हैं या मन मारकर?
- क्या आपको लगता है कि परमेश्वर आपकी जरूरतों को पूरा करेगा अगर आप उदारता से दें?
- इस हफ्ते आप किस एक व्यक्ति की मदद कर सकते हैं?
- देने में आपको सबसे बड़ी कठिनाई क्या है और आप इसे कैसे पार कर सकते हैं?
- क्या आपकी जिंदगी में उदारता सिर्फ पैसे तक सीमित है या आप अपना समय और प्रेम भी देते हैं?
- परमेश्वर ने आपको क्या-क्या दिया है जिसके लिए आप उसे धन्यवाद दे सकते हैं?
प्रार्थना के बिंदु
- हे प्रभु यीशु, मुझे एक उदार दिल दें। मुझे सिखाएं कि मैं अपनी कमाई को आपकी महिमा के लिए कैसे इस्तेमाल करूं। मुझे डर से आजाद करें और मुझे आप पर भरोसा करना सिखाएं कि आप मेरी हर जरूरत को पूरा करेंगे। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।
- हे परमेश्वर, मेरे आसपास जो लोग जरूरतमंद हैं, उन्हें दिखाएं। मुझे उनकी मदद करने का मौका दें और मुझे उदारता से देने की हिम्मत दें। मेरे दिल को बदलें ताकि मैं खुशी से दे सकूं, न कि मजबूरी में। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।
- हे प्रभु, मेरी कलीसिया और मिशनरियों के लिए प्रार्थना करता हूं। उन्हें जरूरी संसाधन दें ताकि वे आपके राज्य का काम कर सकें। मुझे उनका साथ देने में वफादार बनाएं और मुझे दिखाएं कि मैं कैसे उनकी मदद कर सकता हूं। यीशु मसीह के नाम से, आमेन।
संबंधित वचन
- 2 कुरिन्थियों 8:1-5
- फिलिप्पियों 4:19
- लूका 6:38
- नीतिवचन 11:24-25
- इब्रानियों 13:16
- 1 तीमुथियुस 6:17-19
- मत्ती 6:19-21
यह अध्ययन मार्गदर्शिका Disciplefy द्वारा तैयार की गई है। पूर्ण इंटरैक्टिव अनुभव के लिए ऐप डाउनलोड करें — अभ्यास मोड, ऑडियो और बहुत कुछ।