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पवित्र शास्त्र में
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बाइबल अध्ययन मार्गदर्शिकाएं, भक्ति और धर्मशास्त्रीय अंतर्दृष्टि — अंग्रेजी, हिंदी और मलयालम में।
282 लेख प्रकाशित
क्रोध और मेल-मिलाप
क्रोध और मेल-मिलाप: हृदय की पवित्रता की मांग। यीशु ने मत्ती 5:21-26 में सिखाया कि क्रोध सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि हत्या जितना गंभीर पाप है। परमेश्वर हमारे बाहर
क्षमा और सुलह
क्षमा और सुलह: परमेश्वर के अनुग्रह से जीना। यह अध्ययन हमें सिखाता है कि मसीही क्षमा हमारी भावनाओं या दूसरे व्यक्ति के पछतावे पर निर्भर नहीं करती। यह उस अनुग्रह
1 यूहन्ना 3: परमेश्वर का प्रेम
परमेश्वर की संतान होने का अद्भुत प्रेम — यह अध्ययन 1 यूहन्ना 3 के माध्यम से दिखाता है कि परमेश्वर ने हमें अपनी संतान बनाया है। यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक नई
मसीह और व्यवस्था
मसीह और व्यवस्था का संबंध — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि यीशु मसीह परमेश्वर की व्यवस्था को खत्म करने नहीं बल्कि पूरा करने आए। व्यवस्था परमेश्वर की पवित्रता और धा
सच्चा पश्चाताप बनाम केवल अफ़सोस
सच्चा पश्चाताप बनाम केवल अफ़सोस — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि सच्चा पश्चाताप सिर्फ बुरा महसूस करना नहीं है। पौलुस 2 कुरिन्थियों 7:10 में दो तरह के दुख के बारे म
1 यूहन्ना 2: सच्चे और झूठे की पहचान
सच्चे और झूठे विश्वासी की पहचान — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि असली मसीही कैसे जीता है। प्रेरित यूहन्ना तीन साफ परीक्षाएं देता है जिनसे हम अपने विश्वास को परख सक
नमक और ज्योति
दुनिया का नमक और ज्योति — यीशु ने अपने शिष्यों को यह पहचान दी। जैसे नमक भोजन को खराब होने से बचाता है और स्वाद देता है, वैसे ही विश्वासी समाज में सड़न रोकते हैं
1 यूहन्ना 1: ज्योति में चलना
ज्योति में चलना: परमेश्वर के साथ सच्ची संगति का रास्ता। यूहन्ना हमें सिखाता है कि परमेश्वर पूरी तरह से पवित्र और शुद्ध है — उसमें कोई अंधकार नहीं। जब हम अपने पा
धन्य वचन
धन्य वचन — परमेश्वर के राज्य की खुशी। यीशु मसीह ने पहाड़ी उपदेश में बताया कि परमेश्वर के राज्य में कौन सच में सुखी है। ये वचन दुनिया की सोच को पूरी तरह उलट देते
प्रचार में पवित्र आत्मा की भूमिका
प्रचार में पवित्र आत्मा की भूमिका — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि सुसमाचार साझा करना परमेश्वर के साथ साझेदारी का काम है। हम बोलते हैं, लेकिन पवित्र आत्मा ही लोगों
विश्वास पर सामान्य आपत्तियों का जवाब
विश्वास पर सामान्य आपत्तियों का जवाब देना हर विश्वासी के लिए जरूरी है। लोग अक्सर पूछते हैं कि अगर परमेश्वर अच्छा है तो दुख क्यों है, या क्या मसीही धर्म बहुत संक
गलातियों 6: एक दूसरे के बोझ उठाओ
एक दूसरे के बोझ उठाना — मसीह की व्यवस्था को जीना। पौलुस गलातियों को सिखाता है कि आत्मा में चलने का मतलब है एक दूसरे की मदद करना, खासकर जब कोई गिर जाए। यह अध्याय