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पवित्र शास्त्र में
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बाइबल अध्ययन मार्गदर्शिकाएं, भक्ति और धर्मशास्त्रीय अंतर्दृष्टि — अंग्रेजी, हिंदी और मलयालम में।
334 लेख प्रकाशित
लूका 4: परीक्षा और यीशु की सेवकाई का आरम्भ
आत्मा की सामर्थ्य में यीशु की विजय और सेवकाई का आरम्भ — यह अध्ययन दिखाता है कि कैसे यीशु ने जंगल में शैतान की हर परीक्षा को केवल परमेश्वर के वचन से हराया, जहाँ
लूका 3: यूहन्ना का प्रचार और यीशु का बपतिस्मा
यूहन्ना का प्रचार और यीशु का बपतिस्मा — परमेश्वर की उद्धार योजना का आरंभ। यह अध्ययन दिखाता है कि कैसे यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले ने पश्चाताप का संदेश दिया और मसी
लूका 2: उद्धारकर्ता का जन्म
उद्धारकर्ता का जन्म: परमेश्वर की प्रतिज्ञा पूरी होती है। लूका 2 में हम देखते हैं कि कैसे परमेश्वर ने अपनी सदियों पुरानी प्रतिज्ञा को पूरा किया जब यीशु मसीह एक स
मसीह में विजय
मसीह में विजय — पहले से जीती हुई लड़ाई से जीना। यह अध्ययन सिखाता है कि यीशु ने क्रूस और पुनरुत्थान के द्वारा शैतान और उसकी सारी शक्तियों को पहले ही हरा दिया है।
परमेश्वर का कवच
परमेश्वर का कवच: आत्मिक युद्ध में खड़े रहने की शक्ति। यह अध्ययन इफिसियों 6:10-18 में वर्णित छः आत्मिक हथियारों को खोलता है जो हर विश्वासी को शैतान की योजनाओं के
शैतान कौन है और वह कैसे काम करता है?
शैतान कौन है और वह कैसे काम करता है — यह समझना हर विश्वासी के लिए ज़रूरी है। पवित्रशास्त्र हमें दिखाता है कि शैतान एक गिरा हुआ स्वर्गदूत है जो परमेश्वर के खिलाफ
व्यवस्था के अधीन नहीं, अनुग्रह के अधीन
व्यवस्था के अधीन नहीं, अनुग्रह के अधीन — यह सत्य विश्वासी की नई पहचान को दर्शाता है। रोमियों 6:14 घोषणा करता है कि मसीह में हम व्यवस्था की दासता से मुक्त हैं और
मसीह में नई वाचा
मसीह में नई वाचा: परमेश्वर का सबसे बड़ा वादा पूरा हुआ। यह अध्ययन दिखाता है कि कैसे यीशु मसीह ने यिर्मयाह की भविष्यवाणी को पूरा किया और एक नई वाचा स्थापित की जो
परमेश्वर की वाचाएँ
परमेश्वर की वाचाएँ - उद्धार की कहानी की रीढ़। परमेश्वर ने मानवजाति के साथ अपना रिश्ता वाचाओं के जरिए बनाया है। नूह से लेकर अब्राहम, मूसा, दाऊद तक - हर वाचा परमे
व्यवस्था का उद्देश्य
व्यवस्था का उद्देश्य — परमेश्वर की पवित्रता को प्रकट करना और हमारी उद्धारकर्ता की ज़रूरत को दिखाना। परमेश्वर ने व्यवस्था इस्राएल को बचाने के लिए नहीं दी, बल्कि
फरीसी और महसूल लेने वाला
फरीसी और महसूल लेने वाला — नम्रता की शक्ति। यह दृष्टान्त हमें दिखाता है कि परमेश्वर उन लोगों को स्वीकार करता है जो अपनी कमजोरी मानते हैं, न कि उन्हें जो अपनी अच
न्याय माँगने वाली विधवा
लगातार प्रार्थना की शक्ति — यह अध्ययन हमें सिखाता है कि परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को सुनता है और जवाब देता है। लूका 18 में यीशु ने एक विधवा की कहानी सुनाई जो ए