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बाइबल अध्ययन मार्गदर्शिकाएं, भक्ति और धर्मशास्त्रीय अंतर्दृष्टि — अंग्रेजी, हिंदी और मलयालम में।
123 लेख प्रकाशित
रोमियों 5: मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ शांति
मसीह में शांति और आशा की नई जिंदगी — यह अध्ययन रोमियों 5 से दिखाता है कि यीशु मसीह के द्वारा हमारा परमेश्वर के साथ मेल हो गया है। अब हम परमेश्वर के क्रोध से नही
रोमियों 4: अब्राहम — विश्वास का पिता
अब्राहम — विश्वास का पिता: यह अध्ययन दिखाता है कि परमेश्वर ने अब्राहम को धर्मी कैसे गिना। अब्राहम ने अच्छे काम करके धार्मिकता नहीं पाई, बल्कि सिर्फ परमेश्वर पर
रोमियों 3: विश्वास द्वारा धार्मिकता
विश्वास द्वारा धार्मिकता — परमेश्वर का मुफ्त उपहार। यह अध्ययन दिखाता है कि कोई भी इंसान अपने अच्छे कामों से परमेश्वर के सामने धर्मी नहीं बन सकता। सभी लोगों ने प
रोमियों 2: परमेश्वर का निष्पक्ष न्याय
परमेश्वर का निष्पक्ष न्याय — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि परमेश्वर सभी लोगों का न्याय बिना किसी पक्षपात के करता है। वह यहूदी और अन्यजाति दोनों को उनके कामों के अ
रोमियों 1: सुसमाचार की शक्ति और मानव का पाप
सुसमाचार की शक्ति और मानव का पाप — यह अध्ययन रोमियों 1 से दिखाता है कि परमेश्वर का सुसमाचार हर विश्वास करने वाले के लिए उद्धार की शक्ति है। पौलुस बताता है कि सभ
यीशु का अनुसरण करने की कीमत
यीशु का अनुसरण करने की कीमत — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि यीशु के पीछे चलना आसान नहीं है, लेकिन यह सबसे महिमामय जीवन है। यीशु ने साफ कहा कि जो उसके शिष्य बनना च
दैनिक भक्ति
परमेश्वर के साथ दैनिक भक्ति समय का महत्व — यह अध्ययन हमें सिखाता है कि हर दिन परमेश्वर के साथ समय बिताना क्यों जरूरी है। दैनिक भक्ति कोई कानूनी रस्म नहीं है जो
परमेश्वर के साथ दैनिक चलना
परमेश्वर के साथ दैनिक चलना — यह अध्ययन हमें सिखाता है कि हम हर दिन परमेश्वर के साथ कैसे रह सकते हैं। यह केवल नियम मानना नहीं है, बल्कि पवित्र आत्मा की मदद से पर
बपतिस्मा और प्रभु भोज
बपतिस्मा और प्रभु भोज — यीशु ने कलीसिया को दिए गए दो खास चिन्ह। बपतिस्मा एक बाहरी घोषणा है जो दिखाती है कि हम यीशु के साथ मर गए, दफनाए गए, और नई जिंदगी में जी उ
पवित्र आत्मा की भूमिका
पवित्र आत्मा की भूमिका — परमेश्वर का तीसरा व्यक्ति। पवित्र आत्मा परमेश्वर है, पिता और पुत्र के बराबर। वह हमारी जिंदगी में काम करता है — हमें पाप दिखाता है, हमें
प्रार्थना का महत्व
प्रार्थना का महत्व — परमेश्वर से बात करने का तरीका। प्रार्थना कोई धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि परमेश्वर के साथ सच्ची बातचीत है। यीशु मसीह ने हमें परमेश्वर के पास
बाइबिल क्यों पढ़ें?
बाइबिल क्यों पढ़ें — परमेश्वर का जीवित वचन। बाइबिल सिर्फ एक पुरानी किताब नहीं है, बल्कि परमेश्वर का खुद का लिखा हुआ संदेश है जो आज भी जिंदा और ताकतवर है। यह हमे