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बाइबल अध्ययन मार्गदर्शिकाएं, भक्ति और धर्मशास्त्रीय अंतर्दृष्टि — अंग्रेजी, हिंदी और मलयालम में।
123 लेख प्रकाशित
फिलिप्पियों 4: सदा आनंदित रहो
हर हालत में आनंद और शांति का रहस्य — यह अध्ययन फिलिप्पियों 4 के महत्वपूर्ण संदेश को समझाता है। पौलुस जेल में बंद था, फिर भी वह आनंदित था और दूसरों को भी आनंदित
दशांश और दान
दशांश और उदार देना — परमेश्वर की आशीष का जवाब। पुराने नियम में इस्राएल को अपनी आय का दसवाँ भाग परमेश्वर को देना था, लेकिन नए नियम में यीशु और पौलुस ने दिखाया कि
फिलिप्पियों 3: लक्ष्य की ओर दौड़ना
मसीह को जानने की अनुपम श्रेष्ठता — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि यीशु को जानना सबसे बड़ा खजाना है। पौलुस ने अपनी सारी धार्मिक योग्यताओं को कूड़ा समझा ताकि वह मसीह
बाइबल अनुसार प्रबंधन
बाइबल अनुसार प्रबंधन — परमेश्वर के संसाधनों की देखभाल। बाइबल सिखाती है कि पृथ्वी और उसमें जो कुछ है, सब परमेश्वर का है। हम मालिक नहीं, बल्कि प्रबंधक हैं जिन्हें
फिलिप्पियों 2: मसीह का मन
मसीह का मन रखना - नम्रता और आज्ञाकारिता की शक्ति। यह अध्ययन फिलिप्पियों 2 से सिखाता है कि यीशु मसीह ने कैसे परमेश्वर होते हुए भी खुद को दीन किया और दास बनकर क्र
संतोष बनाम लालच
संतोष बनाम लालच: परमेश्वर की व्यवस्था में खुशी पाना। यह अध्ययन हमें सिखाता है कि सच्ची खुशी चीजों में नहीं, बल्कि परमेश्वर में है। बाइबल कहती है कि परमेश्वर पर
बाइबल पैसे के बारे में क्या कहती है?
बाइबल में पैसे की शिक्षा — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि बाइबल पैसे को बुरा नहीं मानती, बल्कि हमारे दिल की स्थिति को जांचती है। परमेश्वर चाहता है कि हम पैसे के मा
फिलिप्पियों 1: सुसमाचार में आनंद
कैदखाने में आनंद की शक्ति यह अध्ययन है। पौलुस रोम की जेल में बंद है, फिर भी वह खुशी से भरा है क्योंकि सुसमाचार फैल रहा है। वह फिलिप्पी की कलीसिया को लिखता है कि
पाप की प्रकृति और मज़दूरी
पाप की प्रकृति और मज़दूरी — यह अध्ययन हमें दिखाता है कि पाप केवल गलती नहीं है, बल्कि परमेश्वर के खिलाफ बगावत है। बाइबल बताती है कि हर इंसान पापी है और पाप की सज
स्वर्गारोहण
यीशु का स्वर्गारोहण — जब प्रभु अपने काम को पूरा करके स्वर्ग लौटे। यीशु ने क्रूस पर मरकर, फिर जी उठकर, और चालीस दिन तक अपने शिष्यों के साथ रहकर अपना काम पूरा किय
महान आदेश
महान आदेश — यीशु का अंतिम और सबसे बड़ा काम। जब यीशु स्वर्ग जाने से पहले अपने शिष्यों से आखिरी बार मिले, तो उन्होंने एक बहुत बड़ा काम दिया। उन्होंने कहा — जाओ, स
थोमा: संदेह और विश्वास
संदेह से विश्वास की यात्रा — थोमा की कहानी। थोमा ने यीशु के जी उठने की खबर सुनी, लेकिन उसने कहा कि जब तक वह खुद यीशु के घाव न देखे और न छुए, तब तक वह विश्वास नह